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तुम कब लौटोगे

अनायास की उलझान लेके जीती हूँ मे जीवन लेके आश लगाए नजरे पनघट हवा के झोके उपवन लेके गौरैया हर प्रभा को आँगन झोंझ बनाए किरणे लेके आँख लगाए खड़ी मे रहती दरवाज़े पर प्रियतम लेके ...