सियासत में कुछ भी हो सकता है
समसामयिक घटना पर आधारित ...(ये एक तर्क है -सियासत में कुछ भी हो सकता है ) time 10:10pm_27 /02/2018 तिवारी और अब्बास दो गांव के प्रमुख हैं । तिवारी ने अब्बास से कहा कुछ करो यार जिससे इस बार भी गाव का प्र...
जीवन के उतार चढ़ाव भरे सफर में अलग अलग अनुभव प्राप्त हुए। ध्यान से देखने की कोशिस की तो सब कुछ एक लयबद्य लगा। संजोया तो कविता , गजल बनकर कागज़ पर उभर आया। .जीवन का सफर है चलता रहेगा . कोई खोज सायद अधूरी है