संदेश

सितंबर, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

ईद मुबारक

ईद मुबारक सभी दोस्तों को**** चाँद आया है फलक पे ईद के वास्ते.......... मुस्कराई ये जमी है ईद के वास्ते........... अंतरा............ आओ मिलते हैं गले प्यार को प्यार से.... हो मुबारकें सभी ईद के वास्ते............ अंतरा...

कह रहा हूँ रोज कविता

कह रहा हूँ रोज कविता प्रेम करुणा से भरी इससे जुदा होना कभी भी मेरे बस में है नही लिख रहा हूँ रोज पन्ने जो भी जैसा जानता कौन सी है ये विधा समझाना मेरे बस में है नही अब उठी है जो क...

उसी का रोष है मालिक

चित्र
बहर 1222/1222/1222/1222 अचानक आज ये कैसा ज़ुल्म पहरा गया मुझ पर। सितम इतने कहा से वो लेकर ढा गया मुझ पर।। न बारिश है न सावन है हवा का भी नही झोंका। ये कैसे गम के बादल हैं कहा से छा गया मुझ पर।। चलो ...

मैं एक इंसान हूँ

मैं एक असन्तुलित बिचार रखने वाला मानसिक उथल पुथल में पलता सामाजिक एक इंसान हूँ..... वही हड्डी वही खाल से ढका पंच तत्व निर्मित उन्ही ज्ञानेंद्रियों कर्मेन्द्रियों में चलि...

जिंदगी वो मलाल रखते है

बहर- 2122/1212 /22 जिंदगी जो मलाल रखते है वो नही जो खयाल रखते है वास्ता हि नही रहा उनका बस खयाली पुआल रखते हैं मौत से वो रहा डरा ही है जो भि डर मन में पाल रखते हैं हार जो भी गया हंसी पल है बाद ...

गजल---हम है राही मुहब्बत****

हम है राही मोहब्बत*** 212/212/212/212 काफ़िया:-आ या रदीफ़:- न कर आमोद बिंदौरी ***************************** हम है राही मुहब्बत बताया न कर प्यार हैरत सें ऐसे जताया न कर ***************************** आँख बह जाने दे देख बस तू ह्रदय भीग जाये जो दामन ...

बुरा या भला कौन तय करेगा

आसान होता है जैसे चाहो जिसे चाहो अच्छा बुरा मान लो.... आप दुसरे के किस वर्ग में है ये बहुत जटिल है आज चापलूसी भरा सामाज इंद्र धनुषी रंग सा सजा है जिसमे रंगों का पुंज है मुश्किल ...

एक गुनाह

सोंचता हु अब मै भी ओढ़ लूँ चोला रंग जाऊ गुनाह के रंग एक गुनाह करके..... जब आइना से सामना होगा उसे तोड़ दूंगा/ भद्दा कह के...... किसकी सिकायत कौन करेगा और करेगा तो किससे ये सब सियासतें.... ब...

जो मेरा जीवन है

जीविका और कर्त्तव्य दोनों ही हावी है और आदत पीछा नही छोड़ती नशा सा छाया है रद्दी फटा पन्ना ले अनजान न समझी बातों को शब्दांकित करने की..... लकड़ी की पटी पर लिखा पहला क मेरे जीवन का ...

अच्छी सोंच

जाति ,धर्म, और प्रतिष्ठा सायद हर समय साथ न दे.... विश्वास ,संकल्प , सायद टूट जाए.... छोड़ सकते है अपने भी शख्स को गर्दिश में देख कर... मन ,शरीर ,साँस भी धोखा दे सकती है ईस्वर भी रूठ सकता है.... प...