बुरा या भला कौन तय करेगा
आसान होता है
जैसे चाहो जिसे चाहो
अच्छा बुरा मान लो....
आप दुसरे के किस वर्ग में है
ये बहुत जटिल है
आज चापलूसी भरा
सामाज
इंद्र धनुषी रंग सा सजा है
जिसमे रंगों का
पुंज है
मुश्किल है
रंग भेद क़र पाना.....
भेद मनो दसा का
भेद विचारों का
बुरा भला एक
मानसिक बीमारी है
हर इन्सान अपनी
जीवन डगर पर
अच्छा है
सभी का एक अभिनय मंच है
उसके अपने
प्रसंसक है
उसका अपना भाव है
उसके अपने कर्त्तव्य है
जो वो इन्ही रंगों में
एक सा निभा रहा है.....आमोद बिन्दौरी
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