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हमाशुओं की जगह मुस्कुराने वाले है

हम आंशुओं की जगह मुस्कुराने वाले हैं बहर -1212/1122/1212/22 हम आंशुओं की जगह मुस्कुराने वाले हैं गमों को चूर करें  गुल खिलाने वालें हैं जो हम मिसाल है तेरा करम खुदा मेरे जी खुश्बुओ सदा को ...

वो मेरा दिल है

बहर 2122/1122/1122/22 वो मेरा दिल है शिकायत से पता लिखता है। मेरे खातिर वो इबादत -ओ- दुआ लिखता है।। हुस्न -ए- मतला कोरे कागज में सरारत से खता लिखता है। जब भी लिखता है मुहब्बत है जता लिखता है।। ...

चलो आज रिश्ते निभा ले

चलो आज रिश्ते निभा लें 122/122/122/122 चलो आज रिश्ते बनाकर  निभालें. खयालों को अपना नया घर बनालें. बढ़ाओ मुलायम हथेली वो प्यारी पिसाई हिना है इसे अब रचालें बनो तुम जो दुल्हन ,तो दूल्हा बन...

वाह रे अन्धे...

वाह रे अँधा बेंच रेवड़ी चिन्ह् चिन्ह् दीन्हों हाँथ धर्म आज अधर्म उभारे पीर पैगम्बर लहू बयारे सन्यासी हैं  दौलत वाले चर्च धर्म परिवतर्न छाले किन धर्म ग्रन्थ की देन आडम्बर...

बड़ा डिजटल जमाना हो गया है

बड़ा डिजटल जमाना हो गया है 1222/1222/122 बड़ा डिजटल जमाना हो गया है कठिन इज्जत बचाना हो गया है पला माँ बाप की छाया जो बेटा वही बेटा बेगाना हो गया है खुला अस्मत लुटा आई है बेटी मुहब्बत है बह...

चलो आज रिश्ते,..

चलो आज रिश्ते निभा लें 122/122/122/122 चलो आज रिश्ते बनाकर  निभालें. खयालों को अपना नया घर बनालें. बढ़ाओ मुलायम हथेली ये प्यारी पिसाई हिना है इसे संग रचालें बनोगी गुड़िया तो गुड्डा बनूगा...

एकता मिशाल

चित्र
बात कल ही की तो है जब हिन्दू -मुस्लिम त्यौहार एक साथ पड़ गये नजारा देखने योग्य था एक तरफ श्री राम की सवारी जिस रस्ते से गुजर रही थी ठीक उसी रस्ते पर मुस्लिम भाई मुहर्रम की नवाज ...

लिपटी याद

वो एक सम्बेदी सपने सी याद ..... एक किताबी पन्ने में कुछ लिख कर पलट गई वो याद बस अब एक चलचित्र मात्र है तलवे में करक्ते शाल्य दर्द सीईईईईइ है...... एक लम्बी साँस..... ले ठहराव बस महसूस करत...

हम गरीबों को भी अपना

हम गरीबों को भी अपना ... 2122-2122-2122-212 धर्म मजहब लीक कैसी सब मिटा दे ऐ खुदा/ हम गरीबों को भी अपना कुछ पता दे ऐ खुदा// मुद्दतें बीती नही आया कोई तेरा फ़ैसला/ निर्धनों के घर को आ के कुछ सज़ा दे ऐ खुद...

बे शक ही न्यारा होगा

22/122/22 यह देश न्यारा होगा बेशक हमारा होगा मिट जाएगा जब मजहब सब का गुजारा होगा सिद्दत से कितनी इसको सब ने संवारा होगा दुश्मन के काफिलों को चुन-चुन के मारा होगा वादी हवा ये गुलशन ...

बेसहारा होगा

22 /122/ 22 प्यासा किनारा होगा सच  बे-सहारा होगा नित गीत बुनता रहता बेसक  कुँवारा  होगा!!!! करता है सजदा मस्जिद क्या प्रीत हारा होगा??? निकला सुबह है घर से घर बे -सहारा होगा निकला है अपने ...

वो कहतें है तु पत्थर है..

वो कहते हैं तु पत्थरहै बहर:-1222-1222-1222-1222 नहीं मिलती तबीयत तो ,वो कहते हैं तु  पत्थर है मगर जाना नही उसने, की कितना मन समंदर है हुई हरकत बुरी हमसे ,बदलने की जो कोशिस की तभी मालुम  हुआ हमको, ...

मुहब्बत का शहर हु मैं.....

मुहब्बत का शहर हूँ मैं बहर :- 1222-1222-1222-1222 मुहब्बत का शहर हूँ मै मुझे बस प्यार होता है मगर तनहा वही होता है जो खुद्दार होता है शिकायत है मुहब्बत की की जो रूठा नहीं लौटा सियासत है कि फितर...