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क्या नही है जनाब ले जाओ 2

क्या नही है जनाब ले जाओ।। लो ये खिलते गुलाब ले जाओ।।1 खूब सूरत है आप की मोहशिन उसके खातिर नकाब ले जाओ।।2 मेरी तक़दीर में तो जुगनू है। आप यह माहताब ले जाओ।।3 रात भर नींद में सताता ...

दिनरात चिरागों सा जला अपने वतन में

बह्र:-221-1221-1221-122 रुतबा -ए-उजाला है मिया अपने वतन में। अब चैन मुहब्बत ओ मजा अपने वतन में। अनपढ़ सा अंधेरा है मिटा अपने वतन में। जैसे कोई खलिहान सजा अपने वतन में।। वो रोज मुझे याद है वो ख़ू...

तुम विवाहित हुए हम कुंवारे रहे

212-212-212-212 तुम बिवाहित हुए हम कुँवारे रहे। । जिंदगी भर सनम बेसहारे रहे।। चाँद आता रहा और मुकरता रहा। तीरगी ने मेरे घर संवारे रहे।। इन चिरागों से करता गिला भी तो क्या। यार दुश्मन मे...

क्या यही अंत है

भावनाओं के साथ क्यों बह जाती है जिंदगी.......... क्यों करती है मुहब्बत.... और फिर पवित्र मन्दिर में जघन्य अपराध... आत्म हत्या.... क्यों एक एक बून्द सी जिंदगी तोड़ देती है कुटुंब से नाता... क्...

अनन्त यात्रा

अनंत यात्रा में निकालकर कहाँ कोई लौटता है । कहाँ कोई बताता है की मंजिल क्या रही.... जैसे... बिलुप्त हो जाता है .... पर इतिहास में उसकी कहानियां अंनंत काल तक यात्रा करती है .... सायद यही...

मय वो दौलत है

बह्र:-2122-1122-1122-22 उसने ख़त लिख्खे गुलाबी वो कहाँ तक पहुँचे।। मेरा दावा है रकीबों की जुबाँ तक पहुँचे।। आह मत ले तु गरीबों की अमीराँ हो कर। छोड़ दौलत को दुआयें ही वहाँ तक पहुँचे।। दौरे ह...

क्या नही है जनाब ले जाओ

बह्र:-2122-1212-22 क्या नही है जनाब ले जाओ। लो ये खिलते गुलाब ले जाओ।। अब नही मेरा वास्ता उससे। याद-ए-दौर-ए-शबाब ले जाओ।। मुझको चाहो तो छोड़ दो तन्हा। ये न करना की ख्वाब ले जाओ।। जो भी आगोश ...

मीना कुमारी "महजबीं"

महजबीं बाई ...उर्फ़ मीना कुमारी खूबसूरती का वो पर्याय हैं जिन्हें आज तक पूरा हिंदुस्तान भुला नही पाया। मीना जी ने अपने फ़िल्मी व्यवसाय की सुरुआत बहुत ही कम उम्र में सुरुकि ...

ले जाओ

2122-1212-22 शहर से आफ़ताब ले जाओ। अपने सूखे गुलाब ले जाओ। मत सुनाओ मुझे वही दास्ताँ। "जिंदगी की किताब ले जाओ"।। छोड़ तन्हा मुझे दो मेरे शहर। मेरे आँखों से ख्वाब ले जाओ।। मैकदों अब नही ह...