क्या नही है जनाब ले जाओ 2
क्या नही है जनाब ले जाओ।। लो ये खिलते गुलाब ले जाओ।।1 खूब सूरत है आप की मोहशिन उसके खातिर नकाब ले जाओ।।2 मेरी तक़दीर में तो जुगनू है। आप यह माहताब ले जाओ।।3 रात भर नींद में सताता ...
जीवन के उतार चढ़ाव भरे सफर में अलग अलग अनुभव प्राप्त हुए। ध्यान से देखने की कोशिस की तो सब कुछ एक लयबद्य लगा। संजोया तो कविता , गजल बनकर कागज़ पर उभर आया। .जीवन का सफर है चलता रहेगा . कोई खोज सायद अधूरी है