क्या नही है जनाब ले जाओ 2

क्या नही है जनाब ले जाओ।।
लो ये खिलते गुलाब ले जाओ।।1

खूब सूरत है आप की मोहशिन
उसके खातिर नकाब ले जाओ।।2

मेरी तक़दीर में तो जुगनू है।
आप यह माहताब ले जाओ।।3

रात भर नींद में सताता हैं।
मीत अपना ये ख्वाब ले जाओ।।4

ख़त में लिखकर के पूछते हो क्या।
तुम जबानी जवाब ले जाओ।।5

अब नही वास्ता मेरा इनसे।
यार सारे ख़िताब ले जाओ।।6

जो भी आगोश में तेरी गुजरे।
उन पलों का हिसाब ले जाओ।।7

हर तरफ शहर में अंधेरा है।
मुझसे अब आफ़ताब ले जाओ।।8

मेरी मेहनत का इक करीना है।
ये खिलौना नवाब ले जाओ।।9

देश सारा ये  बेंच खायेगे।
ये हैं नेता खराब ले जाओ।।10

हर समन्दर मुझे ये कहता है।
चुन लो मोती जनाब ले जाओ।।11

मौत का रोज तो मुअय्यन है।
जिंदगी की किताब ले जाओ।।12

आमोद बिन्दौरी

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जीवन पथ पर संशय गढ़कर ,स्वीकार नहीं तुम मुझको प्रिए

अपने दुख को स्वयं निमंत्रण देता हूं

तब मानूंगा ....प्रेम है तुमसे