वक्त
वक्त चलता रहा , हम चलते रहे ठोकरे लगती रही , गिर जाते रहे हौसले हमको , हरदम उठाते रहे रेत तपती रही, काँटे चुभते रहे वक्त चलता … आँधियाँ आती रही, मुस्...
जीवन के उतार चढ़ाव भरे सफर में अलग अलग अनुभव प्राप्त हुए। ध्यान से देखने की कोशिस की तो सब कुछ एक लयबद्य लगा। संजोया तो कविता , गजल बनकर कागज़ पर उभर आया। .जीवन का सफर है चलता रहेगा . कोई खोज सायद अधूरी है