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मैं बहुत कुछ सोंचता रहता हूँ पर कहता नहीं

बह्र- 2122-2122-2122-212 ज्यों हवा दस्तक करे खटखट कोई होता नहीं।। मैं बहुत कुछ सोंचता रहता हूँ पर कहता नहीं।। इस तरह  परछाई सा महसूस होता वो मुझे। जैसे कोई दरमियाँ अपने है पर दिखता नहीं।। ...

बहुत पछतायेंगे वो मेरा पता पाकर

बह्र - 1222-122-2212-22 कोई ज्यों खुश हुआ हो अपना खुदा पाकर।। बहुत पछताएगा वो मेरा पता पाकर।। सफर चलना है कैसे ,लेकर चलन कैसा। उ से अहसास होगा ,आबोहवा पाकर।। की अपनी ज़द में ही अपना आशियाँ चु...