क्या नही है जनाब ले जाओ
बह्र:-2122-1212-22
क्या नही है जनाब ले जाओ।
लो ये खिलते गुलाब ले जाओ।।
अब नही मेरा वास्ता उससे।
याद-ए-दौर-ए-शबाब ले जाओ।।
मुझको चाहो तो छोड़ दो तन्हा।
ये न करना की ख्वाब ले जाओ।।
जो भी आगोश में तेरी गुजरे।
उन पलों का हिसाब ले जाओ।।
मेरी तक़दीर में अंधेरे हैं।
आप यह माहताब ले जाओ।
है अगर मुझको छोड़कर जाना।
जिंदगी की किताब ले जाओ।।
आमोद बिन्दौरी
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