बड़ा डिजटल जमाना हो गया है

बड़ा डिजटल जमाना हो गया है
1222/1222/122

बड़ा डिजटल जमाना हो गया है
कठिन इज्जत बचाना हो गया है

पला माँ बाप की छाया जो बेटा
वही बेटा बेगाना हो गया है

खुला अस्मत लुटा आई है बेटी
मुहब्बत है बहाना हो गया है

सियासी हो गयी रिश्तों की दुनियां
जटिल रिश्ता निभाना हो गया है

गरीबों का हितैशी हूँ ये जुमला
चुनावी वोट पाना हो गया है

वो क्या जो देख बाबा रो पड़े हैं
कहा की घर पुराना हो गया है

मौलिक/अप्रकाशित
®©२२\११\२०१५
आमोद बिन्दौरी

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