एकता मिशाल

बात कल ही की तो है जब हिन्दू -मुस्लिम त्यौहार एक साथ पड़ गये नजारा देखने योग्य था एक तरफ श्री राम की सवारी जिस रस्ते से गुजर रही थी ठीक उसी रस्ते पर मुस्लिम भाई मुहर्रम की नवाज अदा कर रहे थे। ये भारत की एकता और प्यार का सबसे बड़ा नजारा था । एक दूसरे से गले मिलते और बधाई देते आज यह रास्ता भारत लग रहा था -+++-आमोद बिंदौरी

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