बे शक ही न्यारा होगा

22/122/22

यह देश न्यारा होगा
बेशक हमारा होगा

मिट जाएगा जब मजहब
सब का गुजारा होगा

सिद्दत से कितनी इसको
सब ने संवारा होगा

दुश्मन के काफिलों को
चुन-चुन के मारा होगा

वादी हवा ये गुलशन
सब कुछ ही प्यारा होगा

मौलिक/ अप्रकाशित
आमोद बिंदौरी

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