लेखक श्री सुशील राकेश जी

कवि सुशील राकेश
।। मेरा परिचय ।।
मैं अपना परिचय इसलिए दे रहा हूँ कि मेरे फेस बुक के मित्रों ने मेरी बारे में जानना चाहा है कि मेरा परिचय क्या है?
कवि सुशील राकेश
।।जन्म :07 अक्टूबर 1948 ।।
हिन्दी साहित्य में कवि व कथाकार श्री सुशील राकेश का नाम सुविख्यात है।श्री सुशील राकेश का जन्म 'साहित्य का मक्का '
कहे जाने वाले शहर इलाहाबाद के सत्तीचौरा
मुहल्हे में हुआ ।इलाहाबाद विश्व विद्यालय से अर्थशास्त्र विषय में 'परास्नातक 'तथा हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग से 'साहित्य रत्न 'उपाधि ग्रहण की।लगभग तैंतालिस वर्षों से
कन्नौज (उत्तर प्रदेश )में रहते हुए हिन्दी साहित्य की प्रचारात्मक व रचनात्मक सेवा में
अविरल गति से गतिशील हैं ।
श्री सुशील राकेश ने अनेक काव्य संग्रहों ,कहानी व संस्मरण पुस्तकें लिखीं और प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं का रचनात्मक संपादन कार्य किया ।उनकी प्रमुख रचनाओं में -काव्य संग्रह : 'बच्चे समुद्र हैं '(1979 ),'मेंहदी घाट '
(1990),'गंगा अपने पास '(1997),'मेरे शहर की मुद्रा '(2010), 'अनहदनादी बच्चे '(2012),' सुशील राकेश की श्रेष्ठ कविताएँ '( 2014), 'शून्यकाल '(2016)। कहानी संग्रह : 'सुशील राकेश की श्रेष्ठ कहानियाँ '(2013)। संस्मरण पुस्तक : 'पहाड़ों से प्रयाग तक '(2011), 'स्मृतियों के स्वर्णिम दिन '(2015) महत्वपूर्ण है।
1971 में सहायक संपादक के रूप में 'नई कहानियाँ 'व दैनिक 'भारत 'से संबद्ध एवं दैनिक 'नव भारत टाइम्स ', लखनऊ (1988-93) के संवाददाता तथा 'उदाहरण' पत्रिका के व्यवस्थापक रहे ।इसके अतिरिक्त 'क्रांति '(संस्मरण ),पत्रिका 'अवकाश '(मासिक ), 'दशकारंभ '(त्रैमासिक ), ' सुगंधा '(वार्षिक ),'कादम्बरी '(वार्षिक ) का संपादन किया ।
श्री सुशील राकेश को साहित्य साधना एवं हिन्दी प्रचार -प्रसार केलिए देश-प्रदेश की महत्वपूर्ण संस्थाओं द्वारा अनेक अलंकरणों ,उपाधियों से विभूषित किया जा चुका है ।हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग से 'साहित्य महोपाध्याय '।अंतरराष्ट्रीय हिन्दी संस्थान, प्रयाग से 'हिन्दी भूषण '। अखिल भारतीय हिन्दी सेवी संस्थान ,इलाहाबाद ने 'साहित्य वाचस्पति ' व 'राष्ट्रभाषा गौरव ' से अलंकृत किया । साथ ही साहित्यिक, सांस्कृतिक संस्था 'अभिव्यंजना',फरूर्खाबाद ने 'अभिव्यंजना श्री सम्मान ', कान्यकुब्ज शिक्षा एवं समाज सेवा समिति, कन्नौज ने 'कन्नौज रत्न ' व श्री सरस्वती कला संगम ,झांसी ने 'काव्य रत्न सम्मान ' व मध्य प्रदेश राज्य हिन्दी साहित्य सम्मेलन, सतना (मध्यप्रदेश ) द्वारा 'साहित्य सागर 'एवं उत्तर प्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन, लखनऊ द्वारा 'बाढ़ भट्ट रजत पदक ' व मित्र कुल ,प्रयाग द्वारा 'साहित्यामृत सम्मान 'एवं 'साहित्य शिरोमणि ' सम्मान प्राप्त हुआ ।
पंडित सुंदरलाल मेमोरियल परास्नातक महाविद्यालय, कन्नौज ,उत्तर प्रदेश (छत्रपति शाहू जी महाराज विश्व विद्यालय, कानपुर से संबद्ध ) के अर्थशास्त्र विभाग में 1973 से 2011 तक विभागाध्यक्ष के पद पर आसीन रहते हुए प्राध्यापक का दायित्व भी कूशलतापूर्ण निर्वाहन किया जो अपने में अतुलनीय है । संपत्ति : स्वतंत्र लेखन ।
संपर्क : 52 बगिया फजल इमाम ,कन्नौज (उत्तर प्रदेश )पिन कोड : 209725 ।

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