मंजरी इन हवाओं में दिखने लगी

मंजरी जो लताओं में दिखने लगी।
आशिक़ी इन हवाओं में दिखने लगी।

आया फ़ागुन उठा झूम सारा जहाँ।
भांग ठंडाई जुबाँओं में दिखने लगी।।
आमोद बिंदौरी

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