मैं छोटा था ???

(मैं छोटा था ..)®©

मैं छोटा था ..
मुझे बड़ा कर दिया गया
मैं मामूली था ।
मेरी कीमत बढ़ा दी गयी
मैं अंजान गुमनाम था
मुझे शो रूम ले लगा दिया
मैं नीचे था
मुझे ऊपर कर दिया ...
मैं बे सहारे में था
लोग सहारे लेने लगे...
कमाल के हैं ये शंकुचन श्रेणी के व्यक्तित्व
मैं सफर में चला ही था चंद कदम
मुझे मेरी मंजिल तक पंहुचा दिया ...
मैं बे पहचान एक समुदाय का
अल्प पारिश्रमिक का
एक नन्हा सा मोहरा ....
आज मील का पत्थर हूँ...
हिलाने के चक्कर में जड़ें मजबूत कर ली
गिराने के चक्कर में ऊपर उठ गया
भद्दा करना चाहा तो चमक गया
कोई बुरा करने वाला
इससे ज्यादा बुरा तो नहीं कर सकता ...
आमोद बिंदौरी

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