अपने नाम के लिए(apane naam k liye)

गिर कर उठना पडा
हवा सा ठहरना हुआ
परिन्दो सा उडना पडा
गर्त मे मिलना पड़ा
अपने नाम के लिए

ठंडा घङा बनना पडा
आग सा तपना पडा
सर को झुकाना पडा या
सर कटाना पडा
अपने नाम के लिए

ईज्जत बनाते हुए बेशर्म बन जाना पडा मोम सा पिघलता रहा हृदय
पत्थर बन जाना पडा 
अपने नाम के लिए

जिन्दगी भर लडता रहा हार जाना पडा रोना पडा मुस्कुराना पडा 
अपने नाम के लिए 

दरिया सा बहती रही जिन्दगीबिँदौरी
समुद्र सा हो गया मेरा मन
लिखता रहा एक एक पल 
सब कुछ भूल जाना हुआ 
आमोद शिर्फ अपने नाम के लिए

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