कोई कहानी लिखता तो क्या लिखता उनके हुस्न पे अपनी भी जबानी लिखता तो क्या लिखता उनके हुस्न पे कुछ कहू तो क्या कहूँ बस इतना समझ लो जितना भी लिखता जो भी लिखता पुराना लिखता उनके हुस्न पे आमोद बिँदौर

कोई कहानी लिखता तो क्या लिखता
उनके हुस्न पे
अपनी भी जबानी लिखता तो क्या लिखता
उनके हुस्न पे
कुछ कहू तो क्या कहूँ
बस इतना समझ लो
जितना भी लिखता
जो भी लिखता पुराना लिखता
उनके हुस्न पे
आमोद बिँदौरी

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