तंदूर की भठ्ठी…2
तंदूर की भठ्टी की
धधकती दीवाल पर…
चिपकी …रोटी
सोधा पन लिए
बढ़िया स्वाद लिए
गरमा गरम…
पेट की आग
बुझती है…
दायरे…
की तपती दीवाल…
मे बंद रह…
तपती है …
जलती है…
समाज की आग में…
दरिन्दों की आभ में…
बदलाव की आस ले…
नैहर…
पीहर…
पाबंदी की दाब ले…
कभी…
भूलकर भी…
आवज
नहीँ लगाती…
इस
भठठी के बाहर…
जब तक
जीवित है…
बस …
सेकती रहती है…
तपती रहती है…
इस भट्ठी के
अंदर…
बिंदौरी
यह बस
जलती है…
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