गजल ... रोज मरने का फायदा क्या है

आज हमने एक गजल लिखी है बहर के दायरे में रह कर । आप का आशीर्वाद चाहिए खिदमत में हाजिर है...

दूर रह के हमें मिला क्या है।
आज कहने दो कायदा क्या है।।

मौसमो की जुबनियाँ सुन लो।
कह रहा है जो नया क्या है।।

थाम सकता हूँ उसके दामन को।
प्यार ही हा है बुरा क्या है।।

हम सभल जाए राह जीवन में
रोज मरने से फायदा क्या है।।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जीवन पथ पर संशय गढ़कर ,स्वीकार नहीं तुम मुझको प्रिए

अपने दुख को स्वयं निमंत्रण देता हूं

तब मानूंगा ....प्रेम है तुमसे