मेरे गांव के बग्गड़ दादा
लपक लपक के गीत गाते
गवैयों में जोश भरते
चाहे वो कीर्तन हो
या फिर
फागुन की फ़ाग
तरह तरह से माहिर हो
तुम मेरे गांव की जान हो
फ़िल्मी तान दे
नव युवको के दिलो को
लूट लेते हो ......
हाँ बग्गड़ दादा
तुम बिन्दौर की शान हो....आमोद बिंदौरी
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