कुमुदनी फूल है हर रंग इसका

बहर 1222/1222/122

पहेली सा नही हल हो सकेगा।
ये जीवन है कई बाते कहेगा।।

कुमुदनी फूल है हर रंग इसका।
थपेड़े लू के ये खिलकर सहेगा।।

नहीं मंजूर होगा गम से रिश्ता।
ख़ुशी के रंग ये जीवन भरेगा।।

कभी इक हार से डरना नहीं तुम।
वो लम्हा जीत का बेशक मिलेगा।।

नए रंग रूप ले मौसम भी फ़िज़ा ले।
खुदा किस्मत में तेरी सब लिखेगा।।
मौलिक/अप्रकाशित

आमोद बिन्दौरी

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