बचपन मधु कुटुंब
बचपन ....
एक योद्धा होता है......
जो दर्द ..गम/ को सदैव
धरासाई रखता है /
ये उस मधुमख्खी की तरह है
जो / ग्रीष्म की तपती धरती पर भी/
ख़ुशी का मधु /
अपने छत्ते (कुटुंब) बरक़रार रखता है
/ इस मधु का स्वाद
बिलकुल ऐसा होता है /
जैसे
बचपन की याद
जो भीनीं मुस्कान
से मुखौटे को सिंचित रखता है//
और/ गुलशन हरा भरा रहता है////आमोद बिन्दौरी
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