मुझको वफ़ा मिले

बहर 221 2121 1221 212
क्या खूब जिंदगी है इसे काफिला मिले।
मुझको मेरी वफाओं की कुछ तो दुआ मिले।।
तालीम ली है मैने मुहब्बत की प्यार की।
चाहत यही है की कोई मुझे आपसा मिले।।1

जिनके ह्रदय है टूट के बिखरे फिजाओं में।
कुछ यूँ करो खुदा की उन्हें दिलरुबा मिले।2।

परवाज जिंदगी है तेरी हर इनायतें।
रिश्ता जो भी जुड़े तो दिल पर फ़ना मिले।3।

कैसे हयात समझु जो है मुफलसी मेरी।
समझे न जो वफ़ा तो उसे जलजला मिले।4।...

परवाज- उड़ान,
फ़ना- न्योछावर,
हयात-जीवन,मुफ़्लसी-गरीबी,

आमोद बिन्दौरी

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