बात उनसे हो रही है
बात उनसे हो रही है आज कल दिल खोल के...
पर नही है इश्क हमसे रोज ऐसा बोलते.....
डरती हैं दिल की लगी से दूर भी रहती नही....
प्यार करते दिल ही दिल में नीर नैना तोलते......
थर थराते होठ उनके और मचलती उँगलियाँ...
इक नशे में लग रही है बावरी सब भूल के....
चाहता हूँ मै भी उनको कह नही सकता मगर...
बंदिशे हैं रीत घर मजहबों के झोल के.....
साथ उनका आज मेरी है कहानी प्यार की....
सोचता हूँ भर दूँ झोली खुश्बुओ और फूल से...
आमोद बिन्दौरी👀
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