आप को प्रणाम

आज कुछ अमने सामने
मुझे ऐसा लगता है
 कि ये जो हमारा रिस्ता है 
धूल कुछ जादा जम रही है 
और कुछ दीमक भी चट रही है
या मे यूँ कहूँ मे एक बेकार आदमी हूँ 
जो आप का समय बर्बाद कर रहा हूँ
तो मेरे बिचार से …किया जाय
झूठ के गारे की इमारत का कोई वजूद नहीँ 
मे बेहद नकारात्मक
विचारों से घिर रहा हूँ
आपने विचारों को सकारात्मक 
कर के इस नतीजे पर हूँ
आप को प्रणाम

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