आंदोलन

वो मार देते हैं
किसी निर्दोष , किसी कमजोर को
वो आंदोलन पर उतारू हैं ।
सायद महात्मागांधी ने
आंदोलन की परिभाषा गलत लिख दी
आंदोलन तो यह है
जो आज सड़कों पर हो रहा है ।
वो कुल्हाड़ी का उपयोग
बहुत अच्छे से करते हैं ।
अपने हांथों देखो ..
अपना ही  क़त्ल करते हैं ।
वो आंदोलन पर उतारू है....
आमोद

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