उन्हें शिकायत है

उन्हें शिकायत है और
वो अपनी शिकायत
दर्ज कराने के लिए
तैयार खड़े हैं।
वो चाहते है
तोड़ मरोड़ के कुछ नए नुश्खे..
व्यंग, जो अतीतपर
गाण्डीव, सुदर्शन,  जैसे प्रहार
पीड़ा, वेदना, व्यवहार, को चिन्हित करे
वो मासूम बच्चियों की तरह जन्मी
सुकोमल , मृदुल, अमृत, संजीवनी,
जैसी कविताओं से ..
लंका नरेश जैसा अट्टहास
जो ममता, प्यार, स्नेह, की अनुपम कोपल
सदा सर्वदा  एक सरलतम परिभाषा है ।
वो हत्या , का कलंक ले ..
मैं अपनी बेटियों के जीवन सँघर्ष में
उनके कदम कदम में साथ हूँ ..
इन कोमल सरल ममता की कोपलों
में सिर्फ ममता ही पनपेगी
सायद यही अंतराल जीवन संघर्ष है
चलता रहेगा  ....आजीवन
संघर्ष ....…
जीवन संघर्ष ..

आमोद बिन्दौरी/

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