आग हो तुम ..

आग हो तुम मुझे जला दोगे।।
यार उल्फत की यह सजा दोगे।।

मेरी आँखों में झांक कर देखो।
इतनी उल्फत है की सब भुला दोगे।।

तुम खयालो में रोज आती हो।
कैसे कहती हो के भुला दोगे।।।

किन चिरागों की बात करते हो ।
तुम वही हो जो कल धुआं दोगे।।।

जान जायेगे सब की खुस हो तुम।।**
दांत बत्तिश जो तुम दिखा दोगे।।।

जिंदगी भर सजोए जितने हैं।
ज्ञान पन्ने मुझे भी क्या दोगे???

मौत ने हाथ थाम रक्खा है ।
जिंदगी की मुझे दुआ दोगे????---आमोद बिन्दौरी

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