कोई ऐसे रूठता है क्या??

  कोई रोकने लगा है क्या  ???
कोई राज भी छिपा है क्या???

तेरा फोन अब नहीं आता!!
कोई और मिल गया है क्या ??

मुझे गैर कह दिया तुमने!!
मेरा वास्ता बुरा है क्या ??

मेरे रूबरू नहीं रहते!!
मेरा साथ बददुआ है क्या??

तू ही खैरख्वाह बस मेरा!!
तू भी आजकल खफा है क्या??

मिरे साथ साथ चलना था!!
भटक रास्ता गया है क्या??

तू क्यूँ बोलता नही कुछ अब!!
कोई ऐसे रूठता है क्या???

आमोद बिंदौरी / मौलिक - अप्रकाशित

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