इक फासले और दायरे से बंधा
वो मुझसे वास्ता नहीं रखता ।
वो मुझसे दूर भी नही रहता ।।
वो दस्तक देता है हवा की तरह
खटखट की दरवाजे पर ..
उसका अहसास बता देता है
की वो यही है कही पर
मेरे आस पास ..
वो नाम बदल लेता है ..
नकाब पहन लेता है ..
वो खिड़कियों से लेता है
मेरे हालते हाल ..
मैं शुक्र गुजार हूँ उसका ..
उसकी हमदर्दी का ..
उसे बता दूं....वो मेरे साथ रहेगा
जैसे मैं उसके साथ हूँ ...
इक फासले और दायरे से बंधा
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