अंगूठे का प्रयोग ..

अंगूठे का प्रयोग ..

अंगूठा मानव समाज  वैसे तो चार स्त्रियों लिंग के मध्य रहने वाला अकेला पुर्लिंग है। इसका प्रयोग आदिकाल से होता रहा है । पर इसे   वरिष्ठ दर्जा  दान करने के बाद मिला (एक पौराणिक कहानी के आधार पर)। और ये समाज में एक अहम भूमिका में आया ।अंग्रेजो के शासन काल में इसका दुरूपयोग किया गया जबरन इसका प्रयोग कर के लोगो की सम्पत्तियां जप्त कर ली जाती थी ।60से 90 के दशक तक अनपढ़ लोगो की पहचान जाना जाने वाला अगूंठा  ..21 वी सदी में वार्ता का एक अहम् हिस्सा बन गया ..उदाहरण स्वरूप ..खाना खाया ..👍
हम आज उज्जैन हैं...👍
भगवान् आप की रक्षा करे .👍
यह साइन भाषा ok या ठीक है या प्रणाम, खुश रहो, आशीर्वाद  जैसे जवाब की जगह ले चुका है ।  फोन आने के बाद इस पुर्लिंग का उपयोग और बढ़ गया ..आज ज्यातातर लोग टंकण में इसी का उपयोग करतें हैं ।
किसी समय ऊँगली उठाना और अंगूठा दिखाना एक समाज का  असभ्य हिस्सा या मानिए बुरा काम माना जाता था पर आज ये एक प्रचलित प्रतिष्ठित साइन भाषा है । भारतीय  ने इसके प्रचलन को संज्ञान में लिया तो आधार कार्ड की उत्पत्ति की और उसके माध्यम से अब आप की पहचान का काम भी आप का अंगूठा हो गया। , धनराशि लें देन, जो अंग्रेजो के समय कागज़ पर जबरन लगवा लिया जाता था आज आप की स्वेक्षा से आप उपयोग कर पाएंगे ..
अंगूठे के सफर के लिए आप सभी का आभार
आमोद श्रीवास्तव (बिंदौरी)

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जीवन पथ पर संशय गढ़कर ,स्वीकार नहीं तुम मुझको प्रिए

अपने दुख को स्वयं निमंत्रण देता हूं

तब मानूंगा ....प्रेम है तुमसे