शायद तुम वही थे
Fb भी वही है ...calling नंबर भी वही है ...
पर अब वो जज्बा नहीं ...
जो तुम्हे फोन करता था ........
वो ..हक ...वो सीमाएं ..
जिन्हें मैं लांघ रहा था ..
वो बिस्वास की एक ड़ोर ....कही गम हो गई...
हाँ ...आज ही था वो दिन ...
जब बात हुई थी तुमसे ..
क्या पता था ..ये आखिरी call है ...
मैं भी बेसब्र था ...फोन काटने के लिए
जो रिश्ता ...शहद से ..शब्दो से शुरू हुआ ....
वो उस दिन बद जबान हो गया था .....
याद भी है सब ....और अहसास भी है ..
हु ब हू...जैसे मेरी आँखों से गुजर रहा हो ...
गुजर गए ना....…वक्त की तरह ...
"ये दिल सिर्फ उसे ही याद रखता है जिसने बड़े प्यार से बडी गहरी चोट दी हो" .…...शायद ..तुम वही थी ..
#अमोदबिन्दौरी
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