दूर जब हो गे गम रुलायेगे
क्या गुलाबों सा' मुस्कुरायेंगे ।।
दूर जब होगे' गम रुलायेंगे ।।
होगी तस्वीरें' तेरी यादों की।
रख के सीने में पास पायेंगे ।।
इस अमावस की रात लम्बी है।
कुछ कहो कैसे' दिन बितायेंगे।।
तेरी' खुश्बू तेरी अदा हाए!!
हम खयालों में मर ही' जायेंगे।।
हांथ रख लब में चुप न कर हमको।
तेरे' बिन सच है रह न पायेंगे।।
मौलिक/ अप्रकाशित
आमोद बिन्दौरी, फतेहपुर - उत्तर प्रदेश
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