जिन्दगी मुस्कुरायेगी.

छोटी सी चिन्गारी आज पूरे जंगल मे फैल रही है । हजारो लाखों बेगुनाह अपनी जान बचाने के जाद्दो जहद मे हैं । मौत अपना तांडव कर रही है । काला घना  धुआं आकाश पर छाता  जा रहा है। हवाएँ  अपना रुख बदल रहीं हैं। वो आग को और और तेज करती जा रही है ।  क्या कोई नही  बचेगा ????
ये सर्वथा गलत है । की कोई नही  बचेगा 
तुफान और काले घने अन्धेरे से बारिश होगी । फिर पनपेगे नव अंकुर फिर उठ खड़ा होगा जंगल और जमीन हरी भरी होगी। संघर्ष होगा हवाओं  से और सब सामान्य हो जायेगा 
जिन्दगी मुस्कुरायेगी..
@kanisshk @abhish13001

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