लोग बिछड़ कर लिखते हैं ।
लोग बिछड़ कर लिखते हैं ।
मैं तुमसे बिछड़ा तो कलम रख दिया
मैं चाहता हु जो अब कोई कहानी लिखना
तो उंगलियां थर थराती हैं ।
मैं जिस मासूम चेहरे को
नफस में महसूस करता था
वो चेहरा अब बहुत डराता है
न जाने क्यों मेरा दिल कहता है ,
मुहब्बत एक पवित्र रिश्ता है ।
तो दिमाक कहता है ...
बस कर पगले ! और कितना मजाक करेगा !
मेरे इर्द गिर्द बहुत से रिश्ते हैं ..
भाई, बहन,मां,पिता, दोस्त
एक प्रेम ....सब में भारी पड़ है।
जिंदगी की वो नींव डाली
जिसमे रिश्ते की ईंट ईट चुनी गई हो।
जिस पर टिकानी थी मुझे
विश्वास की एक छत
जो अब ...सिर्फ जीवन संघर्ष है
=जीवन संघर्ष
आमोद बिंदौरी ©®
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