सरल है जब ये कहूं ..प्रेम है
सरल है जब ये कहूं कि प्रेम है
किंतु आध्यात्मिक ओ लौकिक प्रेम है ...
मत बनो तुम रुक्मिणी,मेरे लिए
हृदयायनी शक्ति और पथ संगनी
कृष्ण और राधा के जैसी शाश्वत
तुम्हारा प्रतिनिधित्व हो.... बस ये वचन दो...
प्रेम ,कोमलता ओ करुणा साथ ले
भाव हो पावन ओ भक्ति से भरा
ना चलो तो ना चलो कोई बात ना
हृदयके साम्राज्य की देवी हो ...बस ये वचन लो..
आमोद बिंदौरी 25/07/25
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें